1. अरुणाचल प्रदेश की मोनपा जनजाति का लोकजीवन *डॉ. सोनम वाङ्मू

अरुणाचल प्रदेश को 20 फरवरी, 1987 को पृथक राज्य का दर्जा मिला। भारत के पूर्वोत्तर के आठ राज्यों में से इस भूखंड का भौगोलिक और सांस्कृतिक दृष्टि से प्राचीन महाभारत काल से सीधा सम्बंध ब्रज और द्वारिका से रहा है। इस प्रदेश का सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और भाषिक महत्व है। किरात वंशीय भीष्मक का कुंडिलपुर राज्य यहीं है, जिसकी राजधानी भीष्मक नगर थी। इस प्रदेश में रुक्मिणी के पिता राजा थे। यहाँ मालिनी थान नाम का एक मंदिर है।

One comment

  1. मै भी संयोग स्थापन करना चाहता हूं।विषय वस्तु पूर्वोत्तर भारत से जुड़ा हुआ है ।इसलिए और भी दिलचस्प लग रहा है।पूर्वोत्तर की पहचान पूरे विश्व में फैले यही आशा रखता हूं।

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